fear..

Vivek Jain

1.

डर है, वक्त वह पल फिर दे न मुझे,
यह पल , वोह हर लम्हे जीने दे, ख़ुद होने का एहसास दे
जीने दे वह हर साँस, ज़िंदगी होने का एहसास दे।
डर है, वक्त वह पल फिर दे न मुझे।

2.

एक येसा रिश्ता होने दो
जिसमे प्यार हो, तुम्हारे होने का एहसास हो
तुम्हारे आहट का इंतज़ार हो,
पास हो तो ज़िंदगी का होना, ना होना तो एक दर्द सा हो
तुम्हारे होने का एहसास हो .